क्योंकि किसी के साथ की उम्मीद अब दिल नहीं करता।”
खामोशी में भी दम होता है,और हमारी खामोशी तो कईयों की जलन बन चुकी है।
मुझे सताने के तुम्हे तरीके बेहिसाब आते हैं!
हमने भी उनके शोक पूरे करने में कसर नहीं छोड़ी ।।
हमसे जलने वालों की अब खैर नहीं,क्योंकि अब हम खुद की तारीफ़ करना सीख गए हैं।
उसके बाद तो बस ज़िन्दगी ने गुजारा है मुझे।
ना ताज चाहिए, ना तख्त की हुकूमत,हम तो अपनी नज़रों में बादशाह हैं।
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हमदर्दी न करो मुझसे ऐ मेरे Trending Shayari हमदर्द दोस्तों
मेरी ख्वाहिश है की मेरे हाथों में तेरा हाथ हो,
मुस्कुरा के जी किसी वजह का इन्तजार न कर
बादशाह नही, टाइगर हूँ मैं,इसलिए लोग इज्ज़त से नही,मेरी इजाज़त से मिलते है।
तेरे बिना अधूरी सी लगती है ये ज़िन्दगी,जैसे चाँद के बिना अधूरी हो चाँदनी।